हरियाणा में ग्रुप-सी पदों की भर्ती के लिए होने वाली सामान्य पात्रता परीक्षा (CET) का इंतज़ार कर रहे लाखों उम्मीदवारों के लिए बड़ी ख़बर है। हरियाणा सरकार ने परीक्षा के आयोजन की तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। हाल ही में प्रदेश के मुख्य सचिव ने एक उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की और अधिकारियों को परीक्षा को सफ़ल, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराने के लिए कड़े निर्देश जारी किए।
जुलाई के दूसरे हफ़्ते में हो सकती है परीक्षा
बैठक में मिले संकेतों के अनुसार, सीईटी की परीक्षा जुलाई महीने के दूसरे सप्ताह में आयोजित की जा सकती है। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) ने सरकार के सामने यह प्रस्ताव रखा है कि आवेदकों की भारी संख्या को देखते हुए परीक्षा को दो से तीन दिनों की अवधि में कराया जाए। इस परीक्षा के लिए लगभग 13 लाख 48 हज़ार 697 उम्मीदवारों ने आवेदन किया है, जो इसे प्रदेश की सबसे बड़ी भर्ती परीक्षाओं में से एक बनाता है।
मुख्य सचिव ने दिए सख़्त निर्देश, सोमवार तक मांगी रिपोर्ट
मुख्य सचिव ने सभी जिलों के उपायुक्तों (डीसी) को निर्देश दिया है कि वे अगले तीन दिनों के भीतर अपने-अपने जिलों में परीक्षा के लिए उपयुक्त केंद्रों की पहचान कर उनकी सूची फाइनल करें। उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्रों का चयन करते समय सुरक्षा, परिवहन की सुविधा, उम्मीदवारों के लिए आसान पहुँच और केंद्र की क्षमता जैसी सभी बातों का विशेष ध्यान रखा जाए। उपायुक्तों को पुलिस और नागरिक प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मिलकर प्रस्तावित केंद्रों का निरीक्षण करने के लिए कहा गया है। इन सभी केंद्रों की एक विस्तृत फाइनल रिपोर्ट सोमवार तक मुख्य सचिव कार्यालय और HSSC मुख्यालय में भेजनी अनिवार्य है। मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि भर्ती प्रक्रिया में किसी भी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
परीक्षा केंद्रों की संख्या बढ़ी, कॉलेज और विश्वविद्यालय भी बनेंगे सेंटर
परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए HSSC ने लगभग 2300 परीक्षा केंद्रों की सूची तैयार की है। इस बार चंडीगढ़ में भी 150 केंद्र बनाए जाएँगे, जिनमें लगभग 40 हज़ार उम्मीदवार परीक्षा दे सकेंगे। एक महत्वपूर्ण फ़ैसले के तहत, इस बार सरकारी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को भी परीक्षा केंद्र के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा, जिसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस पूरी प्रक्रिया के लिए एक विस्तृत SOP भी साझा की गई है ताकि कोई भ्रम न रहे। सरकार का लक्ष्य इस बड़ी परीक्षा को बिना किसी गड़बड़ी के सफलतापूर्वक संपन्न कराना है।

